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लखपति दीदी रणनीति

लखपति दीदी रणनीति

आजीविका विकल्पों की वृद्धि, मजबूती और विस्तारण:

परिवारों को विभिन्न आय स्रोत गतिविधियाँ अपनाने के लिए सक्षम बनाने के साथ सुविधा भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षित कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन अपनी आजीविका योजनाएं समेकन करेंगें और संसाधन लिंकेज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेंगे।

कार्यान्वयन सहयोग

आजीविका वृद्धि के लिए एस.एच.जी. सदस्यों व संघों को पर्याप्त और समय पर सहायता प्रदान की जाएगी। यह संपत्ति (इनपुट, उपकरण, बुनियादी ढांचा), कौशल (ज्ञान और व्यावहारिक कौशल) और वित्तीय पहुंच (बैंक लिंकेज, विभागीय योजनाओं का लाभ उठाना, कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी आदि) और बाजार (ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स आदि) के रुप में हो सकती है।

(लिंक: लखपति दीदियों के लिए आगामी योजना दस्तावेज़)

सहयोग और साझेदारी

तकनीकी, वित्तीय संसाधन जुटाने और एस.एच.जी. संघों की क्षमता निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं (अंतर व अंतर-विभागीय) के साथ समन्वय किया जाएगा। समन्वय की योजना इस प्रकार बनाई गई है:

मंत्रालय अभिसरण के लिए योजनाएँ
ग्रामीण विकास मंत्रालय, एम.ओ.आर.डी. 1. Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme (MGNREGS)2. Deendayal Upadhyay Grameen Kaushal Yojana (DDU-GKY) 3. Rural Self Employment Training Institutes (RSETIs) 4. Pradhan Mantri Awas Yojana -Grameen (PMAY-G)
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एम.ओ.ए. एंड एफ.डब्ल्यू.) 1. एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एम.आई.डी.एच.), 2. कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (एस.एम.ए.एम.), 3. राष्ट्रीय बांस मिशन, 4. शहद और मधुमक्खी पालन पर राष्ट्रीय मिशन, 5. बाजरा वृद्धि, 6. प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (पी.एम.के.एस.वाई.), 7. दस हजार एफ.पी.ओ., कृषि इंफ्रा फंड (ए.आई.एफ.), 8. प्राकृतिक खेती और सेवा वितरण के लिए एजेंटों के रूप में कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन्स (सी.आर.पी.) की नियुक्ति।
पशुपालन और डेयरी विभाग (डी.ए.एच.डी.) 1. पशुधन उत्पादन के स्वास्थ्य और विस्तार के लिए मान्यता प्राप्त एजेंट (ए-हेल्प), 2. राष्ट्रीय पशुधन मिशन, पशुपालन अवसंरचना निधि, 3. राष्ट्रीय गोकुल मिशन आदि।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एम.ओ.एफ.पी.आई.) प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पी.एम.एफ.एम.ई.) का औपचारिकीकरण
मत्स्य पालन विभाग पी.एम. मत्स्य संपदा योजना
लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई.) पारंपरिक उद्योगों के पुर्नउत्थान हेतु निधि योजना (स्फूर्ति)

राष्ट्रीय स्तर पर, सचिव, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अध्यक्षता में एक संचालन समिति का गठन किया गया है ताकि अंतर-विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जा सके। समन्वय गतिविधियों की समीक्षा और सलाह देने के लिए राज्य, जिला और प्रखंड स्तरों पर इसी तरह के समन्वय मंचों का गठन किया गया है / किया जा रहा है।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

आजीविका वृद्धि के लिए, मिशन स्टाफ, लाइन विभाग के अधिकारियों, सामुदायिक संस्थानों, सामुदायिक कैडर और संसाधन व्यक्तियों का नियमित और संरचित क्षमता निर्माण और प्रदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजीविका गतिविधियों के लिए ज्ञान और कौशल के कई पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। क्षमता निर्माण अधिदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख तकनीकी संस्थानों, सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।