आशा देवी
राज्य : बिहार
जिला : जामुई
ब्लॉक : जामुई सदर
गाँव : प्यारेपुर
स्वयं सहायता समूह : माँ पार्वती स्वयं सहायता समूह
आजीविका गतिविधियाँ : मुर्गी पालन
लखपति दीदी की यात्रा
आशा देवी, जो कभी गरीबी और व्यक्तिगत परेशानियों से लडती हुई, निराशा से एक सफल "लखपति दीदी" बनने तक की उनकी यात्रा वास्तव में प्रेरणादायक है।
वह जीविका कार्यक्रम के अंतर्गत "मां पार्वती" स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनीं। व्यक्तिगत त्रासदी और आर्थिक तंगी के बावजूद, आशा ने समूह से 20,000 रुपये उधार लेकर एक छोटी सी दुकान खोली, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण संभव हुआ। हालांकि, असली मोड़ तब आया जब उन्होंने जीविका से 75,000 रुपये का ऋण लेकर एक मुर्गी पालन शुरू किया, जिसका नाम उन्होंने दिव्यांश राज पोल्ट्री फार्म रखा। मुर्गी पालन व्यवसाय से आशा देवी की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उनकी मासिक आय बढ़कर 25,000 रुपये हो गई, जिससे वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने और उनके विवाह में सहयोग देने में सक्षम हुईं। आशा देवी जीविका को अपने जीवन में आए इस बदलाव का श्रेय देती हैं और स्वीकार करती हैं कि उनके सहयोग के बिना उनका भविष्य अंधकारमय हो सकता था।
उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि वित्तीय सहायता और उद्यमशीलता के अवसरों के माध्यम से सशक्तिकरण किस प्रकार जीवन में व्यापक बदलाव ला सकता है।