देइवानयागी
राज्य : पुड्डुचेरी
जिला : पोंडिचेरी
ब्लॉक : विलियानूर
गाँव : पिल्लयारकुप्पम
स्वयं सहायता समूह : अमुधा माला स्वयं सहायता समूह
आजीविका गतिविधियाँ : पशुधन में डेयरी और कृत्रिम गर्भाधान गतिविधियाँ
लखपति दीदी की यात्रा
श्रीमती देवनायागी एक महत्वाकांक्षी, ऊर्जावान, गतिशील और प्रगतिशील महिला किसान हैं, जो दूसरों पर निर्भर हुए बिना आत्मनिर्भर जीवन जीने की इच्छा रखती हैं। वह एक डेयरी किसान के रूप में कार्यरत थीं और ‘अमुधा माला’ स्वयं सहायता समूह (एस.एच.जी.) की सदस्या बन गईं। अपनी डेयरी गतिविधियों को सशक्त बनाने हेतु उन्हें सामुदायिक निवेश निधि ( सी.आई.एफ.) और बैंक लिंकेज के माध्यम से 75,000 रुपए का क्रेडिट सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने दो दुधारू गायें खरीदीं। एन.आर.एल.एम. योजना के तहत, उन्होंने पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पशु चिकित्सा स्त्री रोग विभाग में 12 दिनों का कृत्रिम गर्भाधान (ए.आई.) तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण उनके जीवन में एक मील का पत्थर साबित हुआ। उन्होंने सीखी गई तकनीकों का अपने गांव में अभ्यास करना शुरू किया और धीरे-धीरे एक प्रशिक्षित ‘टोट’ के रूप में स्थापित हो गईं। ए.आई. तकनीकों को अपनाकर, उन्होंने अपने गांव में प्रति सप्ताह 8–10 गायों का कृत्रिम गर्भाधान करना शुरू किया, जिससे उन्हें प्रति माह लगभग 8,000 रुपए की आय होने लगी। साथ ही, अपनी डेयरी गायों के कुशल रखरखाव से उन्हें हर माह 20,000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होने लगी। अपनी इस स्थिर आय के माध्यम से उन्होंने अपनी स्वयं की एक ए.आई. (कृत्रिम गर्भाधान) इकाई की स्थापना की। आजीविका गतिविधियों के अलावा, वह अपने गांव में पी.एल.एफ. (पंचायत स्तरीय संघ) की नेता भी हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान के चलते, पिछले वर्ष उन्हें अपने पति के साथ नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने का अवसर मिला।