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राज्य : मध्य प्रदेश

जिला : जबलपुर

ब्लॉक :  पनागर

गाँव : घाना

स्वयं सहायता समूह :  परी स्वयं सहायता समूह

आजीविका गतिविधियाँ :  सुपारी काटने का काम

लखपति दीदी की यात्रा

घाना के एक गांव की किरण दोहरे को हाथ से सुपारी काटने का काम करके बहुत कम कमाई होती थी। वह घंटों हाथ से सुपारी काटती, लेकिन दिन में सिर्फ ₹150-₹200 ही कमाती। उनके पति भी मजदूरी करते थे, फिर भी परिवार की आर्थिक ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल होता था। फिर, वह 15 और महिलाओं के साथ परी सेल्फ हेल्प ग्रुप में शामिल हो गईं और आर्थिक आज़ादी की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया।

स्वयं सहायता समूह की मदद से किरण को एक ऐसी मशीन के बारे में जानकारी मिली, जो सुपारी काटने की प्रक्रिया को स्वचालित कर सकती थी। फिर उसने मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत 10,000 रुपए का ऋण लिया और एक इलेक्ट्रिक सुपारी कटर खरीद लिया। इससे उसकी उत्पादकता में बहुत सुधार हुआ, और अब वह प्रति घंटे 12 किलो सुपारी काट सकती है, जबकि पहले वह हाथ से केवल 1 किलो ही काट पाती थी।

उत्पादकता में सुधार ने किरण को बड़े ऑर्डर पूरे करने और अपने व्यवसाय को बढ़ाने का मौका दिया। उसकी आय में काफी वृद्धि हुई, और अब वह अपना ऋण चुकाने के साथ-साथ अपने व्यवसाय में और निवेश करने में सक्षम हो गई। आज, किरण न केवल ज्यादा कमाती है, बल्कि अपने समय का बेहतर प्रबंधन भी करती है, जिससे उसे अपने परिवार और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देने के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। उसकी यात्रा इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि कैसे सही उपकरण और संसाधनों तक पहुँच जीवन को बदल सकती है। सुपारी प्रसंस्करण से अब उसकी आय लगभग 15,000 रुपये प्रति माह है।

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