विजयलक्ष्मी
राज्य : पोंडिचेरी
जिला : पोंडिचेरी
ब्लॉक : अरियांकुप्पम
गाँव : मदुकरई पश्चिम
स्वयं सहायता समूह : अथिवरथर स्वयं सहायता समूह
आजीविका गतिविधियाँ : चटाई बुनाई
नई डिज़ाइन, चमकदार रंग और कड़ी मेहनत ही आज की तेज़ी से बदलती दुनिया में आगे बढ़ने का रास्ता हैं। श्रीमती विजयलक्ष्मी, जो पारंपरिक चटाई बुनकर हैं, ने परिवार और समुदाय के संदेह के बावजूद महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। बाद में उन्होंने समान सोच वाली महिलाओं के साथ मिलकर 'अथिवरथर स्वयं सहायता समूह' की स्थापना की। उन्होंने 20,000 रुपये के रिवॉल्विंग फंड से अपना व्यवसाय शुरू किया। बुनाई में नए तरीके अपनाकर उन्होंने धीरे-धीरे बड़े ऋण लिए, जिसमें सामुदायिक निवेश निधि (सी.आई.एफ.) ऋण 50,000 रुपये और बैंक लिंकेज 80,000 रुपये शामिल थे। न फंड्स से उन्होंने दो चटाई बनाने की मशीनें लेकर अपना व्यवसाय मजबूत किया। वर्तमान में वह रोज़ाना 60 चटाईयाँ बनाती हैं और उत्पादन और बिक्री में दो अन्य महिलाओं को साथ लेकर काम करती हैं। इससे वह हर महीने लगभग 20,000 रुपये का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। साथ ही, उन्होंने अपने उत्पादों को ब्लॉक विकास कार्यालय, अरियांकुप्पम द्वारा आयोजित दिवाली बाज़ार में भी प्रदर्शित किया। श्रीमती विजयलक्ष्मी की कहानी दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की शक्ति का प्रमाण है, जहाँ उन्होंने कई बाधाओं को पार किया और महत्वाकांक्षी उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं के लिए एक आदर्श के रूप में उभरीं। उनकी सफलता की कहानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि उद्यमिता का मतलब सिर्फ़ पैसा कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करना भी है।