यशोदा गुप्ता
राज्य : मध्य प्रदेश
जिला : शाहडोल
ब्लॉक : सोहागपुर
गाँव : सिंघपुर
स्वयं सहायता समूह: सरस्वती स्वयं सहायता समूह
आजीविका गतिविधियाँ : उद्यमी, टेलरिंग शॉप
लखपति दीदी की यात्रा :
हरदा जिले के हंडिया गांव की आशा केवट ने दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से अपनी जिंदगी बदल दी। उन्होंने एक स्वयं सहायता समूह बनाया, इसकी अध्यक्ष बनीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अपना सफर शुरू किया। आर.एस.ई.टी.आई. केंद्र से सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, उन्होंने सरकारी स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म सिलना शुरू किया और बाद में घर पर ही सिलाई का व्यवसाय शुरू किया। अपने स्व-सहायता समूह से मिले ऋण से, उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार करके अगरबत्ती उत्पादन, उज्जैन से कच्चा माल मंगाना और अपने परिवार को इस व्यवसाय में शामिल करना शुरू किया। उनके प्रयासों और समर्पण ने उन्हें मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन (सी. आर.पी.) की भूमिका दिलाई। आशा की यात्रा अत्यधिक गरीबी से आत्मनिर्भरता तक एक प्रेरणादायक कहानी है। पहले जो आशा दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थीं, अब वह हर महीने 10,000 रुपये कमाती हैं। इस आय से वह अपने परिवार की जरूरतें आराम से पूरी कर पाती हैं और अपने बच्चों की शिक्षा पर भी खर्च कर पा रही हैं। आशा के पति, जो एक निजी ड्राइवर हैं, के साथ मिलकर उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार ली है। अब वह एक संतुष्ट जीवन जी रही हैं और अपने समुदाय के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।